अनुपात

1. अनुपात (Ratio)

परिभाषा: दो एक ही प्रकार की (सजातीय) राशियों की तुलना जब भाग (Division) द्वारा की जाती है, तो उसे अनुपात कहते हैं। यह दर्शाता है कि एक राशि दूसरी राशि से कितनी गुनी है।

  • संकेत: इसे विसर्ग संकेत (:) द्वारा दर्शाया जाता है।

  • गणितीय रूप: यदि दो राशियाँ $a$ और $b$ हैं, तो उनके अनुपात को $a : b$ या $\frac{a}{b}$ लिखा जाता है।

    • यहाँ $a$ को प्रथम पद (Antecedent) और $b$ को द्वितीय पद (Consequent) कहते हैं।

अनुपात की प्रमुख विशेषताएँ (Characteristics of Ratio):

  1. सजातीयता (Same Units): अनुपात हमेशा समान इकाई (Units) वाली राशियों के बीच ही निकाला जाता है (जैसे—किलोग्राम की तुलना किलोग्राम से, मीटर की तुलना मीटर से)।

  2. इकाई-रहित (No Units): अनुपात का कोई व्यंजक या इकाई (Unit) नहीं होती, क्योंकि समान इकाइयाँ भाग देने पर कट जाती हैं।

  3. समान संख्या से गुणा/भाग पर अपरिवर्तित: यदि अनुपात के दोनों पदों ($a$ और $b$) को किसी एक ही गैर-शून्य (non-zero) संख्या $k$ से गुणा या भाग किया जाए, तो अनुपात का मान नहीं बदलता:

    $$\frac{a}{b} = \frac{a \times k}{b \times k} = \frac{a \div k}{b \div k}$$
  4. सरलतम रूप (Simplest Form): अनुपात को हमेशा उसके सरलतम रूप में व्यक्त किया जाता है, जहाँ दोनों पदों का म.स.प. (HCF) $1$ होता है। (जैसे: $10 : 15 \rightarrow 2 : 3$)

  5. क्रम का महत्व (Order Matters): अनुपात में पदों का क्रम बहुत महत्वपूर्ण होता है। $a : b$ और $b : a$ दोनों का अर्थ अलग-अलग होता है ($2 : 3 \neq 3 : 2$)।

2. समानुपात (Proportion)

परिभाषा: जब दो अनुपात आपस में बराबर होते हैं, तो उस समता (Equality) को समानुपात कहते हैं।

  • संकेत: इसे (::) या बराबर (=) के चिह्न द्वारा दर्शाया जाता है।

  • गणितीय रूप: यदि $a : b$ और $c : d$ दो बराबर अनुपात हैं, तो इसे $a : b :: c : d$ लिखा जाता है।

    • यहाँ $a, b, c, d$ को समानुपाती पद कहते हैं।

    • $a$ और $d$ को बाह्य पद (Extreme Terms) तथा $b$ और $c$ को मध्य पद (Middle/Mean Terms) कहा जाता है।

समानुपात की प्रमुख विशेषताएँ (Characteristics of Proportion):

  1. मध्य पदों और बाह्य पदों का नियम (Cross Multiplication Rule):

    समानुपात की सबसे मुख्य विशेषता यह है कि बाह्य पदों का गुणनफल हमेशा मध्य पदों के गुणनफल के बराबर होता है:

    $$\text{बाह्य पदों का गुणनफल} = \text{मध्य पदों का गुणनफल}$$
    $$a \times d = b \times c$$
  2. समानुपाती रूपांतरण के नियम (Fundamental Theorems):

    यदि $a : b :: c : d$ (अर्थात् $\frac{a}{b} = \frac{c}{d}$) हो, तो:

    • Invertendo (व्युत्क्रमानुपात): $\frac{b}{a} = \frac{d}{c}$

    • Alternando (एकांतराकानुपात): $\frac{a}{c} = \frac{b}{d}$

    • Componendo (योगानुपात): $\frac{a + b}{b} = \frac{c + d}{d}$

    • Dividendo (अंतरानुपात): $\frac{a – b}{b} = \frac{c – d}{d}$

    • Componendo & Dividendo (योगांतरानुपात): $\frac{a + b}{a – b} = \frac{c + d}{c – d}$

  3. सतत समानुपात (Continued Proportion):

    यदि तीन राशियाँ $a, b, c$ सतत समानुपात में हों, तो $a : b :: b : c$ लिखा जाता है।

    $$\frac{a}{b} = \frac{b}{c} \implies b^2 = a \times c \implies b = \sqrt{a \times c}$$

    यहाँ $b$ को $a$ और $c$ का मध्यानुपाती (Mean Proportional) कहा जाता है।

💡 संक्षिप्त तुलना (Quick Summary Table)

आधारअनुपात (Ratio)समानुपात (Proportion)
अर्थदो राशियों की तुलना (भाग द्वारा)दो अनुपातों की समानता
संकेत::: या =
न्यूनतम पद2 पद ($a, b$)4 पद ($a, b, c, d$)
मुख्य सूत्र$\frac{a}{b}$$a \times d = b \times c$

1. अनुपात की विशेषताओं के 2 व्यावहारिक उदाहरण (Real-Life Examples of Ratio Characteristics)

(क) सजातीयता और इकाई-रहित होना (Same Units & Unitless)

  • उदा. 1 (चावल का पकवान बनाना): यदि आप 500 ग्राम चावल में 1000 ग्राम पानी मिलाते हैं, तो दोनों ग्राम (gm) में हैं। अनुपात = $\frac{500\text{ gm}}{1000\text{ gm}} = \frac{1}{2}$ या $1 : 2$। ग्राम से ग्राम कट गया, इसलिए इस अनुपात की कोई इकाई नहीं है।

  • उदा. 2 (नक्शा / स्केल ड्राइंग): जब किसी घर का नक्शा बनता है, तो 1 सेमी कागज़ की लंबाई जमीन की 100 सेमी (1 मीटर) को दर्शाती है। दोनों को सेमी में बदलने पर अनुपात $1 : 100$ बनता है।

(ख) समान संख्या से गुणा/भाग करने पर अपरिवर्तित रहना (Equivalent Ratios)

  • उदा. 1 (चाय की रेसिपी स्केलिंग): 1 कप चाय में 1 चम्मच चीनी और 2 चम्मच दूध लगता है ($1 : 2$)। यदि 5 मेहमान आ जाएँ, तो आप दोनों को 5 से गुणा करके 5 चम्मच चीनी और 10 चम्मच दूध डालेंगे ($\frac{1 \times 5}{2 \times 5} = \frac{5}{10}$)। स्वाद बिल्कुल समान रहेगा क्योंकि अनुपात $1 : 2$ ही है।

  • उदा. 2 (बिजनेस में लाभ का बंटवारा): राहुल और अमित $10,000 : 15,000$ के अनुपात में पैसा लगाते हैं। यदि दोनों पदों को 5,000 से भाग दें, तो यह सरलतम रूप में $2 : 3$ हो जाता है। लाभ का बंटवारा इसी $2 : 3$ अनुपात में होगा।

2. समानुपात की विशेषताओं के 2 व्यावहारिक उदाहरण (Real-Life Examples of Proportion Characteristics)

(क) बाह्य पदों और मध्य पदों का नियम ($a \times d = b \times c$)

  • उदा. 1 (पेट्रोल का खर्च व दूरी): 1 लीटर पेट्रोल में कार 15 किमी चलती है। तो 4 लीटर पेट्रोल में कार कितना ($x$) चलेगी?

    • समानुपात: $1 : 15 :: 4 : x$

    • नियम: $1 \times x = 15 \times 4 \implies x = 60\text{ किमी}$।

  • उदा. 2 (सामान की खरीददारी): यदि 5 पेन की कीमत ₹50 है, तो 12 पेन की कीमत ($x$) क्या होगी?

    • समानुपात: $5 : 50 :: 12 : x$

    • नियम: $5 \times x = 50 \times 12 \implies 5x = 600 \implies x = ₹120$।

(ख) सतत समानुपात एवं मध्यानुपाती ($b = \sqrt{a \times c}$)

  • उदा. 1 (फ़ोटो की री-साइज़िंग / ज़ूमिंग): एक पासपोर्ट साइज फ़ोटो की चौड़ाई $a = 4\text{ सेमी}$ और लंबाई $c = 9\text{ सेमी}$ है। यदि फ़ोटो को वर्गाकार ज़ूम करना हो ताकि उसका क्षेत्रफल वही रहे, तो मध्यम भुजा $b = \sqrt{4 \times 9} = \sqrt{36} = 6\text{ सेमी}$ होगी।

  • उदा. 2 (बैंक में चक्रवृद्धि ब्याज / इन्वेस्टिंग): यदि पहले साल में ₹100 बढ़कर ₹120 होते हैं, तो उसी दर से अगले साल ₹120 बढ़कर ₹144 हो जाएँगे। यहाँ $100, 120, 144$ सतत समानुपात में हैं क्योंकि $120^2 = 100 \times 144 = 14400$।

1. समानुपाती रूपांतरण के नियम (Fundamental Theorems)

मान लीजिए हमारे पास एक मूल समानुपात है:

$$\frac{a}{b} = \frac{c}{d} \implies \frac{6}{4} = \frac{12}{8}$$

(क) Invertendo (व्युत्क्रमानुपात)

नियम: $\frac{b}{a} = \frac{d}{c}$ (दोनों पक्षों के अंश और हर को आपस में उलट देना)

  • गणितीय उदाहरण 1:

    • मूल: $\frac{6}{4} = \frac{12}{8}$

    • व्युत्क्रमानुपात करने पर: $\frac{4}{6} = \frac{8}{12}$ (काटने पर दोनों $\frac{2}{3}$ के बराबर हैं)

  • व्यावहारिक उदाहरण 2 (कार्य और समय):

    • यदि 2 मजदूर 6 दिन में काम करते हैं ($\frac{\text{मजदूर}}{\text{दिन}} = \frac{2}{6}$), तो $\frac{\text{दिन}}{\text{मजदूर}} = \frac{6}{2}$ लिखा जा सकता है। अनुपात का संतुलन बना रहता है।

(ख) Alternando (एकांतराकानुपात)

नियम: $\frac{a}{c} = \frac{b}{d}$ (प्रथम अनुपात के हर और द्वितीय अनुपात के अंश की जगह बदलना)

  • गणितीय उदाहरण 1:

    • मूल: $\frac{6}{4} = \frac{12}{8}$

    • एकांतराकानुपात करने पर: $\frac{6}{12} = \frac{4}{8}$ (दोनों का मान $\frac{1}{2}$ है)

  • व्यावहारिक उदाहरण 2 (दो अलग-अलग कंपनियों की तुलना):

    • यदि कंपनी A में $\frac{\text{आय}}{\text{व्यय}} = \frac{60}{40}$ और कंपनी B में $\frac{\text{आय}}{\text{व्यय}} = \frac{120}{80}$ है, तो दोनों कंपनियों की आय की तुलना और व्यय की तुलना भी समान अनुपात में होगी: $\frac{\text{आय}_A}{\text{आय}_B} = \frac{\text{व्यय}_A}{\text{व्यय}_B} \implies \frac{60}{120} = \frac{40}{80}$।

(ग) Componendo (योगानुपात)

नियम: $\frac{a + b}{b} = \frac{c + d}{d}$ (अंश में हर को जोड़ना)

  • गणितीय उदाहरण 1:

    • मूल: $\frac{6}{4} = \frac{12}{8}$

    • योगानुपात करने पर: $\frac{6 + 4}{4} = \frac{12 + 8}{8} \implies \frac{10}{4} = \frac{20}{8}$ (दोनों $\frac{5}{2}$ हैं)

  • व्यावहारिक उदाहरण 2 (मिश्रण में कुल मात्रा का अनुपात):

    • यदि दूध और पानी का अनुपात $\frac{3}{1} = \frac{6}{2}$ है, तो ‘कुल मिश्रण (दूध + पानी) और पानी’ का अनुपात:

    • $\frac{3 + 1}{1} = \frac{6 + 2}{2} \implies \frac{4}{1} = \frac{8}{2}$ होगा।

(घ) Dividendo (अंतरानुपात)

नियम: $\frac{a – b}{b} = \frac{c – d}{d}$ (अंश में से हर को घटाना)

  • गणितीय उदाहरण 1:

    • मूल: $\frac{6}{4} = \frac{12}{8}$

    • अंतरानुपात करने पर: $\frac{6 – 4}{4} = \frac{12 – 8}{8} \implies \frac{2}{4} = \frac{4}{8}$ (दोनों $\frac{1}{2}$ हैं)

  • व्यावहारिक उदाहरण 2 (लाभ/अंतर का अनुपात):

    • यदि बिक्री और लागत का अनुपात $\frac{5}{3} = \frac{10}{6}$ है, तो ‘लाभ (बिक्री – लागत) और लागत’ का अनुपात:

    • $\frac{5 – 3}{3} = \frac{10 – 6}{6} \implies \frac{2}{3} = \frac{4}{6}$ होगा।

(ङ) Componendo & Dividendo (योगांतरानुपात)

नियम: $\frac{a + b}{a – b} = \frac{c + d}{c – d}$ (अंश और हर का योग ऊपर, तथा अंतर नीचे)

  • गणितीय उदाहरण 1:

    • मूल: $\frac{6}{4} = \frac{12}{8}$

    • योगांतरानुपात करने पर: $\frac{6 + 4}{6 – 4} = \frac{12 + 8}{12 – 8} \implies \frac{10}{2} = \frac{20}{4}$ (दोनों $5$ के बराबर हैं)

  • गणितीय उदाहरण 2 (समीकरण हल करने में उपयोग):

    • यदि $\frac{x + y}{x – y} = \frac{5}{1}$ दिया हो, तो योगांतरानुपात लगाकर सीधे $\frac{x}{y}$ निकाला जा सकता है:

    • $\frac{(x + y) + (x – y)}{(x + y) – (x – y)} = \frac{5 + 1}{5 – 1} \implies \frac{2x}{2y} = \frac{6}{4} \implies \frac{x}{y} = \frac{3}{2}$

2. सतत समानुपात (Continued Proportion) एवं मध्यानुपाती ($b = \sqrt{a \times c}$)

जब तीन राशियाँ $a, b, c$ इस प्रकार हों कि $a : b :: b : c$ ($\frac{a}{b} = \frac{b}{c}$), तो $b$ को मध्यानुपाती (Mean Proportional) कहते हैं।

  • उदाहरण 1 (4 और 16 का मध्यानुपाती):

    • $a = 4$, $c = 16$

    • सूत्र: $b = \sqrt{a \times c} = \sqrt{4 \times 16} = \sqrt{64} = 8$

    • जाँच: $\frac{4}{8} = \frac{8}{16} = \frac{1}{2}$ (समान अनुपात)

  • उदाहरण 2 (9 और 25 का मध्यानुपाती):

    • $a = 9$, $c = 25$

    • सूत्र: $b = \sqrt{a \times c} = \sqrt{9 \times 25} = \sqrt{225} = 15$

    • जाँच: $\frac{9}{15} = \frac{15}{25} = \frac{3}{5}$ (समान अनुपात)

अमित पूनिया

संस्थापक एवं शिक्षक | English Era With Amit Poonia

🌐 englisherawithamitpoonia.com

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