संबंधबोधक

संबंधबोधक अव्यय (Preposition / Postposition)

संबंधबोधक दो शब्दों से मिलकर बना है: संबंध + बोधक (संबंध का ज्ञान कराने वाला)।

हिंदी व्याकरण में जब कोई अविकारी शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम के बाद प्रयुक्त होकर उस संज्ञा/सर्वनाम का संबंध वाक्य के दूसरे पदों के साथ स्थापित करता है, तो उसे संबंधबोधक अव्यय कहते हैं।

1. संबंधबोधक की पहचान (Identification Rule)

हिंदी में संबंधबोधक की सबसे बड़ी पहचान यह है कि इनके पहले प्रायः परसर्ग/विभक्ति चिह्न (के, की, से) जुड़े होते हैं:

  • के + पास / के + सामने / के + बिना

  • की + ओर / की + तरफ / की + अपेक्षा

  • से + पहले / से + दूर / से + अलग

उदाहरण विश्लेषक:

“राम के बिना गृह कार्य अधूरा है।”

  • यहाँ ‘राम’ संज्ञा है। ‘के बिना’ अव्यय शब्द है, जो ‘राम’ का संबंध वाक्य के शेष भाग ‘गृह कार्य अधूरा है’ से जोड़ रहा है।

2. संबंधबोधक के प्रमुख भेदों की विस्तृत व्याख्या

(क) कालवाचक (Time-related)

यह अव्यय संज्ञा या सर्वनाम के समय-संबंधी जुड़ाव को व्यक्त करते हैं।

  • प्रमुख शब्द: के बाद, के पूर्व, से पहले, के पश्चात, के उपरांत।

  • विस्तृत उदाहरण:

    • “परीक्षा के बाद हम घूमने जाएंगे।” (यहाँ ‘के बाद’ परीक्षा के समय से घूमने के समय का संबंध बता रहा है।)

(ख) स्थानवाचक (Location-related)

यह अव्यय किसी वस्तु या व्यक्ति की स्थिति/स्थान का बोध कराते हैं।

  • प्रमुख शब्द: के ऊपर, के नीचे, के पास, के अंदर, के बाहर, के निकट।

  • विस्तृत उदाहरण:

    • “छत के ऊपर बंदर बैठा है।” (यहाँ ‘के ऊपर’ छत संज्ञा और बंदर के स्थान का संबंध प्रकट कर रहा है।)

(ग) दिशावाचक (Directional)

यह अव्यय किसी दिशा या तरफ का संकेत करते हैं।

  • प्रमुख शब्द: की ओर, की तरफ, के पार, के आसपास।

  • विस्तृत उदाहरण:

    • “डाकू जंगल की ओर भाग गए।” (यह भागने की दिशा को ‘जंगल’ से जोड़ रहा है।)

(घ) साधनवाचक (Means/Instrument)

यह अव्यय दर्शाते हैं कि कोई कार्य किस माध्यम या साधन से पूरा हुआ है।

  • प्रमुख शब्द: के द्वारा, के जरिए, के हाथ, के सहारे, के मारफत।

  • विस्तृत उदाहरण:

    • “सड़क दुर्घटना की खबर समाचार पत्र के जरिए मिली।”

(ङ) हेतुवाचक / कारणवाचक (Reason/Purpose)

जब किसी कार्य के होने का कारण या उद्देश्य दर्शाना हो।

  • प्रमुख शब्द: के कारण, के मारे, के लिए, की वजह से, के निमित्त।

  • विस्तृत उदाहरण:

    • “कड़ाके की ठंड के कारण स्कूल बंद कर दिए गए।”

(च) व्यतिरेक/सीमावाचक (Exclusion/Limit)

जब किसी वस्तु/व्यक्ति को छोड़कर या उसके बिना किसी स्थिति का वर्णन किया जाए।

  • प्रमुख शब्द: के बिना, के सिवा, के अलावा, के अतिरिक्त, के बदले।

  • विस्तृत उदाहरण:

    • “मेहनत के बिना सफलता मिलना कठिन है।”

(छ) तुलनावाचक (Comparison)

दो संज्ञाओं या सर्वनामों के बीच तुलना या समानता/असमानता दर्शाने वाले अव्यय।

  • प्रमुख शब्द: की अपेक्षा, के सामने, के मुकाबले, की तुलना में।

  • विस्तृत उदाहरण:

    • “अमित की लिखावट राहुल की अपेक्षा अधिक स्पष्ट है।”

(ज) सहचर / साहचर्यवाचक (Association)

साथ या संग होने का भाव प्रकट करने वाले अव्यय।

  • प्रमुख शब्द: के साथ, के संग, के साथ-साथ, के समेत।

  • विस्तृत उदाहरण:

    • “सीता माता श्री राम के साथ वन गईं।”

संबंधबोधक अव्यय के मुख्य भेद (अर्थ के आधार पर)

प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से संबंधबोधक के प्रमुख भेद:

क्र.सं.भेद का नामबोधक शब्द (Key Words)उदाहरण वाक्य
1कालवाचक (Time)के आगे, के पीछे, के बाद, के पूर्व, से पहलेसूर्योदय से पहले उठना चाहिए।
2स्थानवाचक (Place)के पास, के ऊपर, के नीचे, के भीतर, के सामनेपेड़ के नीचे पथिक सो रहा है।
3दिशावाचक (Direction)की ओर, की तरफ, के पार, के चारों ओरवह नदी की ओर गया है।
4साधनवाचक (Means/Instrument)के द्वारा, के जरिए, के सहारे, के हाथपत्र डाक के द्वारा भेजा गया।
5हेतु/कारणवाचक (Reason/Purpose)के कारण, के मारे, के लिए, की वजह सेडर के मारे वह काँपने लगा।
6विषयवाचक (Subject)के विषय में, के बाबत, के नाममुझे इस विषय के बारे में जानकारी है।
7व्यतिरेक/सहाचर्यवाचक (Exclusion)के बिना, के अतिरिक्त, के सिवा, के अलावाजल के बिना जीवन संभव नहीं है।
8तुलनावाचक (Comparison)की अपेक्षा, के सामने, के मुकाबलेरीता की अपेक्षा गीता अधिक बुद्धिमान है।
9सहचरवाचक (Association)के साथ, के संग, के समेतराहुल अपने मित्रों के साथ गया।
10विरोधवाचक (Opposition)के विपरीत, के खिलाफ, के प्रतिकूलवह नियमों के खिलाफ काम कर रहा है।

 

क्रियाविशेषण और संबंधबोधक में मुख्य अंतर

कई शब्द ऐसे हैं जो क्रियाविशेषण और संबंधबोधक दोनों रूपों में प्रयुक्त होते हैं:

  • क्रियाविशेषण (Adverb): जब शब्द केवल ‘क्रिया’ की विशेषता बताता है और संज्ञा/सर्वनाम का किसी से संबंध नहीं जोड़ता।

    • उदाहरण: वह अंदर बैठा है। (अंदर क्रिया ‘बैठा है’ की विशेषता बता रहा है)

  • संबंधबोधक (Preposition): जब शब्द विभक्ति चिह्न (के/से/की) के साथ आकर संज्ञा का संबंध वाक्य से जोड़ता है।

    • उदाहरण: वह कमरे के अंदर बैठा है। (के अंदर ‘कमरे’ संज्ञा का संबंध बता रहा है)

अमित पूनिया

संस्थापक एवं शिक्षक | English Era With Amit Poonia

🌐 englisherawithamitpoonia.com

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