Resource

संसाधन (Resource) क्या हैं? अर्थ, परिभाषा और प्रकार 

हमारे पर्यावरण में उपलब्ध हर वह वस्तु जो मनुष्य की आवश्यकताओं और ज़रूरतों को पूरा करने के लिए प्रयोग की जाती है, उसे संसाधन कहते हैं।

किसी भी वस्तु को संसाधन तब माना जाता है जब वह उपयोगी हो, उसका कोई मूल्य (Value) हो और हमारे पास उसका उपयोग करने के लिए सही तकनीक (Technology) मौजूद हो।

अमित सर: बच्चों! क्या आपने कभी सोचा है कि जब आपको प्यास लगती है, तो आप जो पानी पीते हैं, या जिस पुस्तक से आप पढ़ते हैं, ये सब चीज़ें क्या कहलाती हैं?

रोहन: सर, ये सब तो हमारे रोज़मर्रा के काम आने वाली चीज़ें हैं!

अमित सर: बिल्कुल सही रोहन! हमारे आसपास मौजूद हर वह चीज़ जो हमारी ज़रूरतों को पूरा करती है, उसे भूगोल (Geography) में  (Resource) कहा जाता है।

प्रिया: सर, क्या हवा, मिट्टी और सूरज की रोशनी भी संसाधन हैं?

अमित सर: हाँ प्रिया! कोई भी वस्तु संसाधन तब बनती है जब उसकी उपयोगिता (Utility) होती है।

संसाधनों के मुख्य प्रकार (Types of Resources)

संसाधनों को मुख्य रूप से 3 श्रेणियों में बाँटा जाता है:

श्रेणीप्रकारविवरणउदाहरण
1प्राकृतिक संसाधनजो संसाधन हमें सीधे प्रकृति से मिलते हैं और बिना अधिक बदलाव के प्रयोग किए जाते हैं।हवा, जल, मृदा (मिट्टी), सूर्य का प्रकाश, खनिज
2मानव-निर्मित संसाधनजब मनुष्य प्रकृति से मिलने वाली चीज़ों का उपयोग करके नई और उपयोगी वस्तुएं बनाता है।सड़कें, पुल, इमारतें, मशीनें, गाड़ियाँ
3मानव संसाधन मनुष्य स्वयं भी एक सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है, क्योंकि वह अपनी बुद्धि, ज्ञान और तकनीक से अन्य चीज़ों को उपयोगी बनाता है।डॉक्टर, शिक्षक, इंजीनियर, किसान

प्राकृतिक संसाधनों का विभाजन (Renewable vs Non-renewable)

  • नवीकरणीय संसाधन (Renewable Resources): ये वे संसाधन हैं जो कभी समाप्त नहीं होते और प्रकृति में बार-बार जल्दी से बनते रहते हैं।

    • उदाहरण: सौर ऊर्जा (Solar Energy), पवन ऊर्जा (Wind Energy), जल।

  • अनवीकरणीय संसाधन (Non-renewable Resources): ये वे संसाधन हैं जिनका भंडार सीमित है। एक बार खत्म होने के बाद इन्हें दोबारा बनने में हज़ारों साल लग जाते हैं।

    • उदाहरण: कोयला (Coal), पेट्रोल (Petroleum), प्राकृतिक गैस।

रोहन: वाह सर! अब मुझे समझ आ गया कि पेट्रोल, पानी और यहाँ तक कि आप (शिक्षक) भी एक संसाधन हैं!

अमित सर: शाबाश रोहन! इसीलिए हमें संसाधनों का सही और सोच-समझकर उपयोग करना चाहिए ताकि वे भविष्य के लिए बचे रहें। इसे ही Resource Conservation कहते हैं।

संसाधन संरक्षण (Resource Conservation) क्या है? अर्थ, आवश्यकता और उपाय 

संसाधनों का सतर्कतापूर्वक और बुद्धिमत्ता से उपयोग करना तथा उन्हें नवीकरण (Renew) होने के लिए पर्याप्त समय देना Resource Conservation  कहलाता है।

इसका सीधा अर्थ यह नहीं है कि हम संसाधनों का उपयोग करना बंद कर दें, बल्कि इसका अर्थ यह है कि हम उनका अनावश्यक उपयोग या बर्बादी न करें, ताकि हमारी वर्तमान आवश्यकताएँ भी पूरी हों और भविष्य की पीढ़ी के लिए भी संसाधन सुरक्षित रहें।

सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development)

जब हम संसाधनों का उपयोग इस प्रकार करते हैं जिससे न केवल वर्तमान पीढ़ी की ज़रूरतें पूरी हों, बल्कि भावी पीढ़ी (Future Generation) की आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाए और पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुँचे, तो इसे सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development) कहते हैं।

अमित सर: बच्चों! ज़रा सोचिए, अगर पृथ्वी का सारा जल सूख जाए, सारे जंगल कट जाएँ और कोयला-पेट्रोल खत्म हो जाए, तो हमारा जीवन कैसा होगा?

प्रिया: सर! फिर तो इंसानों और जानवरों का जीवित रहना ही असंभव हो जाएगा! न पीने को पानी मिलेगा और न गाड़ियाँ चलाने के लिए ईंधन।

अमित सर: बिल्कुल सही प्रिया! हमारे कई प्राकृतिक संसाधन जैसे कोयला, पेट्रोलियम और शुद्ध पेयजल सीमित हैं। यदि हम इनका लापरवाही से उपयोग करेंगे, तो ये बहुत जल्द समाप्त हो जाएँगे। इसीलिए Resource Conservation बेहद आवश्यक है।

रोहन: सर, हम छोटे बच्चे अपने स्तर पर संसाधनों की बचत कैसे कर सकते हैं?

अमित सर: रोहन, हम अपने दैनिक जीवन में 3R सिद्धांत (3R Principle) को अपनाकर आसानी से संरक्षण कर सकते हैं:

3R सिद्धांत: संरक्षण का आसान तरीका

सिद्धांतअर्थ (Meaning)दैनिक जीवन में उदाहरण
1. Reduce (कम उपयोग)संसाधनों की बर्बादी और खपत को कम करना।कमरे से बाहर जाते समय बिजली का स्विच बंद करना, नल को बहता न छोड़ना।
2. Reuse (पुनः उपयोग)किसी वस्तु को फेंकने के बजाय उसका बार-बार उपयोग करना।अचार या जैम के प्लास्टिक-काँच के डिब्बों में रसोई का सामान रखना।
3. Recycle (पुनर्चक्रण)पुरानी वस्तुओं से नई चीज़ें बनाना।रद्दी कागज़, प्लास्टिक और धातु की चीज़ों को कबाड़ी को देकर रीसायकल कराना।

संसाधन संरक्षण के मुख्य उपाय (Key Steps for Conservation)

  • जल संरक्षण: ब्रश करते या नहाते समय पानी व्यर्थ न बहाएँ और वर्षा के जल का संचयन (Rainwater Harvesting) करें।

  • ऊर्जा संरक्षण: आवश्यकता न होने पर पंखे, बल्ब और टीवी बंद रखें तथा सौर ऊर्जा (Solar Energy) का अधिक प्रयोग करें।

  • वृक्षारोपण: अधिक से अधिक पेड़ लगाएँ और जंगलों की कटाई पर रोक लगाएँ।

  • ईंधन की बचत: कम दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का उपयोग करें, और सार्वजनिक वाहनों (Bus/Metro) का प्रयोग बढ़ाएँ।

रोहन: सर! अब से मैं कमरे की लाइट फालतू नहीं जलने दूँगा और नल भी ठीक से बंद रखूँगा!

प्रिया: और मैं कागज़ बर्बाद नहीं करूँगी, क्योंकि कागज़ बनाने के लिए भी तो बहुत सारे पेड़ काटे जाते हैं!

अमित सर: बहुत बढ़िया बच्चों! पृथ्वी पर जीवन का भविष्य हमारी इस जागरूकता पर ही निर्भर करता है।

अमित पूनिया

अमित पूनिया

संस्थापक एवं शिक्षक | EnglishEraWithAmitPoonia

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