कैबिनेट मिशन

कैबिनेट मिशन (1946) और प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस: भारत के विभाजन का ऐतिहासिक घटनाक्रम

वर्ष 1946 भारत के स्वतंत्रता संग्राम का सबसे निर्णायक मोड़ था। द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद ब्रिटिश सरकार भारत को सत्ता हस्तांतरित करने के लिए बाध्य हुई, जिसके फलस्वरूप कैबिनेट मिशन (Cabinet Mission Plan) भारत आया।

1. कैबिनेट मिशन (Cabinet Mission – 1946)

ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली (Clement Attlee) ने मार्च 1946 में तीन ब्रिटिश कैबिनेट मंत्रियों का एक उच्चस्तरीय दल भारत भेजा, जिसे ‘कैबिनेट मिशन’ कहा गया।

कैबिनेट मिशन के सदस्य:

  1. लॉर्ड पैथिक लॉरेंस (Lord Pethick-Lawrence) – भारत सचिव (अध्यक्ष)

  2. सर स्टेफर्ड क्रिप्स (Sir Stafford Cripps) – व्यापार बोर्ड के अध्यक्ष

  3. ए. वी. अलेक्जेंड्रिया (A. V. Alexander) – नौसेना प्रमुख (First Lord of Admiralty)

कैबिनेट मिशन के मुख्य उद्देश्य एवं सिफारिशें:

  • पाकिस्तान की मांग की अस्वीकृति: मिशन ने पृथक पाकिस्तान की मांग को खारिज कर दिया क्योंकि इससे बड़ी संख्या में गैर-मुस्लिम आबादी भी विभाजन की चपेट में आती।

  • त्रिस्तरीय प्रांतीय वर्गीकरण (Groupings): भारतीय प्रांतों को तीन समूहों में बाँटा गया:

    • समूह ‘A’ (हिंदू बहुल): मद्रास, बॉम्बे, संयुक्त प्रांत, बिहार, मध्य प्रांत, उड़ीसा।

    • समूह ‘B’ (मुस्लिम बहुल – उत्तर-पश्चिम): पंजाब, एन.डब्ल्यू.एफ.पी. (NWFP), सिंध।

    • समूह ‘C’ (मुस्लिम बहुल – उत्तर-पूर्व): बंगाल और असम।

  • संविधान सभा का गठन: भारत का संविधान बनाने के लिए अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली द्वारा संविधान सभा के गठन की सिफारिश की गई।

  • अंतरिम सरकार (Interim Government): नई सरकार बनने तक देश का शासन चलाने के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को मिलाकर एक अंतरिम सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा गया।

2. संविधान सभा का गठन और अंतरिम सरकार

संविधान सभा का गठन (जुलाई-अगस्त 1946):

कैबिनेट मिशन की योजना के तहत जुलाई 1946 में संविधान सभा के लिए चुनाव हुए।

  • कुल सीटें: 389 (296 ब्रिटिश भारत से + 93 देशी रियासतों से)

  • चुनावी परिणाम:

    • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: 208 सीटें (विशाल बहुमत)

    • मुस्लिम लीग: 73 सीटें

    • अन्य एवं निर्दलीय: 15 सीटें

नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन (2 सितंबर 1946):

कांग्रेस को भारी बहुमत मिलने के बाद वायसराय लॉर्ड वेवेल ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।

  • 2 सितंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में भारत की पहली अंतरिम सरकार ने शपथ ली।

  • नेहरू को अंतरिम सरकार में कार्यकारी परिषद के उपाध्यक्ष (Vice President of Executive Council) और विदेश मामलों के मंत्री का पद दिया गया।

  • शुरुआत में मुस्लिम लीग ने इस सरकार का बहिष्कार किया, लेकिन अक्टूबर 1946 में वेवेल के समझाने पर मुस्लिम लीग के 5 प्रतिनिधि (जिनमें लियाकत अली खान वित्त मंत्री बने) अंतरिम सरकार में शामिल हुए, ताकि सरकार के काम में बाधा डाली जा सके।

3. प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस (Direct Action Day – 16 अगस्त 1946)

संविधान सभा के चुनावों में कांग्रेस के बहुमत और कैबिनेट मिशन द्वारा पाकिस्तान की मांग खारिज किए जाने से मोहम्मद अली जिन्ना और मुस्लिम लीग अत्यंत आक्रोशित हो गए।

विभाजन की मांग और जिन्ना का आह्वान:

  • 29 जुलाई 1946 को जिन्ना ने कैबिनेट मिशन योजना की स्वीकृति वापस ले ली।

  • जिन्ना ने घोषणा की: “हम या तो विभाजित भारत लेंगे या नष्ट भारत।” (We shall have either a divided India or a destroyed India).

  • मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को पृथक पाकिस्तान की मांग मनवाने के लिए ‘प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस’ (Direct Action Day) मनाने का आह्वान किया।

4. सांप्रदायिक दंगे और नोआखली का नरसंहार

द ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स (The Great Calcutta Killings):

  • 16 अगस्त 1946 को बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री एच. एस. सुहरावर्दी (H. S. Suhrawardy) के समर्थन से बंगाल में भीषण सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी।

  • कोलकाता की सड़कों पर बड़े पैमाने पर कत्लेआम और लूटपाट हुई। केवल कोलकाता में ही 4 दिनों के भीतर 4,000 से अधिक लोग मारे गए और 10,000 से अधिक घायल हुए।

नोआखली और तिपेरा के दंगे:

  • कलकत्ता के दंगों की आग देखते ही देखते पूर्व बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) के नोआखली (Noakhali) और तिपेरा जिलों में फैल गई।

  • नोआखली में अल्पसंख्यक हिंदू आबादी पर भीषण अत्याचार, धर्मांतरण, आगजनी और नरसंहार किया गया।

महात्मा गांधी की ऐतिहासिक नोआखली यात्रा:

  • जब पूरा देश स्वतंत्रता के जश्न और राजनीतिक वार्ताओं में व्यस्त था, तब महात्मा गांधी शांति स्थापित करने के लिए अकेले नोआखली पहुँचे।

  • उन्होंने दंगों से प्रभावित गांवों में नंगे पैर यात्रा की और “शांति के दूत” के रूप में काम किया।

  • लॉर्ड माउंटबेटन ने गांधीजी के इस निडर प्रयास को देखते हुए उन्हें “One Man Boundary Force” कहा था।

कैबिनेट मिशन (1946) एवं प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस: पूरा इतिहास

Meta Description (156 characters):

1946 के कैबिनेट मिशन, संविधान सभा का गठन, नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार और 16 अगस्त 1946 के प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस (नोआखली) का संपूर्ण विवरण।

Amit Poonia

Founder & Educator | EnglishEraWithAmitPoonia

🌐 Website: englisherawithamitpoonia.com

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