संविधान सभा और प्रस्तावना (Constituent Assembly & Preamble)
भारतीय संविधान का निर्माण और उसकी प्रस्तावना (Preamble) हमारे देश के लोकतांत्रिक ढांचे की आत्मा हैं। प्रस्तावना संविधान के उद्देश्यों, सिद्धांतों और नागरिकों को दिए जाने वाले अधिकारों का सार प्रस्तुत करती है।
1. संविधान सभा (Constituent Assembly)
गठन: कैबिनेट मिशन योजना (1946) की सिफारिशों के आधार पर हुआ।
प्रथम बैठक: 9 दिसंबर 1946 को हुई, जिसमें डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष चुना गया।
स्थायी अध्यक्ष: 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया।
प्रारूप समिति (Drafting Committee): इसके अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे, जिन्हें ‘भारतीय संविधान का जनक’ माना जाता है।
उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution): 13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा पेश किया गया, जो आगे चलकर संविधान की प्रस्तावना का आधार बना।
समय अवधि: 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन।
अंगीकरण और लागू होना:
26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकृत (Adopt) किया गया।
26 जनवरी 1950 को संपूर्ण भारत में संविधान लागू किया गया।
2. प्रस्तावना के मुख्य मूल्य (Key Values of Preamble)
भारतीय संविधान की प्रस्तावना भारत को एक “संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य” घोषित करती है। इन संवैधानिक मूल्यों का विस्तृत अर्थ इस प्रकार है:
(A) संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न (Sovereign)
अर्थ: भारत पूरी तरह से एक स्वतंत्र देश है। यह किसी अन्य विदेशी शक्ति के अधीन या नियंत्रण में नहीं है।
महत्व: भारत अपने आंतरिक मामलों (जैसे—कानून बनाना, प्रशासनिक निर्णय) और बाह्य मामलों (जैसे—अन्य देशों से नीतियां व समझौते) का निर्णय लेने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र है।
(B) समाजवादी (Socialist)
अर्थ: भारत में लोकतांत्रिक समाजवाद (Democratic Socialism) को अपनाया गया है।
महत्व: इसका मुख्य उद्देश्य समाज में आर्थिक असमानता को दूर करना, गरीबी, बीमारी और अवसरों की विषमता को समाप्त करना है। यहाँ सार्वजनिक और निजी क्षेत्र दोनों साथ-साथ कार्य करते हैं (मिश्रित अर्थव्यवस्था)।
नोट: यह शब्द 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा प्रस्तावना में जोड़ा गया था।
(C) पंथनिरपेक्ष (Secular)
अर्थ: राज्य का अपना कोई आधिकारिक धर्म नहीं है।
महत्व: भारत में सभी धर्मों (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आदि) को राज्य द्वारा समान संरक्षण, आदर और स्वतंत्रता प्राप्त है। राज्य धर्म के आधार पर किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव नहीं करेगा।
नोट: यह शब्द भी 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा प्रस्तावना में जोड़ा गया था।
(D) लोकतंत्रात्मक (Democratic)
अर्थ: भारत में शासन की शक्ति जनता के हाथों में निहित है।
महत्व: देश की सरकार जनता द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुनी जाती है (वयस्क मताधिकार के आधार पर)। जनता को अपने प्रतिनिधियों को चुनने और बदलने का पूर्ण अधिकार है।
(E) गणराज्य (Republic)
अर्थ: देश का सर्वोच्च प्रमुख (राष्ट्रपति) अनुवांशिक या वंशानुगत (राजा/रानी) नहीं होता।
महत्व: भारत का राष्ट्रपति जनता द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से एक निश्चित अवधि (5 वर्ष) के लिए चुना जाता है। भारत का कोई भी नागरिक देश के सर्वोच्च पद तक पहुँच सकता है।
3. प्रस्तावना द्वारा दिए गए आश्वासन (Guarantees)
प्रस्तावना सभी नागरिकों के लिए निम्नलिखित लक्ष्य तय करती है:
न्याय (Justice): सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय।
स्वतंत्रता (Liberty): विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता।
समता (Equality): प्रतिष्ठा और अवसर की समता।
बंधुता (Fraternity): व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता।
भारतीय संविधान की प्रस्तावना (हिंदी)
“हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को:
सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय,
विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता,
प्रतिष्ठा और अवसर की समता
प्राप्त कराने के लिए,
तथा उन सब में
व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए
दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई. (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी, संवत् दो हजार छह विक्रमी) को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।”
Quick Revision Table (परीक्षा के लिए)
| संवैधानिक शब्द | मुख्य अर्थ | संशोधन/जोड़ने का वर्ष |
| संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न | पूर्ण आंतरिक और बाह्य स्वतंत्रता | मूल संविधान में |
| समाजवादी | आर्थिक व सामाजिक असमानता का अंत | 42वां संशोधन (1976) |
| पंथनिरपेक्ष | सभी धर्मों को समान आदर व संरक्षण | 42वां संशोधन (1976) |
| लोकतंत्रात्मक | जनता द्वारा चुनी गई सरकार | मूल संविधान में |
| गणराज्य | चुना हुआ संवैधानिक प्रमुख (राष्ट्रपति) | मूल संविधान में |
Amit Poonia
Educator & Founder | EnglishErawithAmitPoonia
🌐 Website: englisherawithamitpoonia.com
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