सत्ता की साझेदारी

Class 10 NCERT Political Science – Chapter 1: सत्ता की साझेदारी (Power Sharing)

अमित सर: गुड मॉर्निंग क्लास! आज हम कक्षा 10 एनसीईआरटी राजनीति विज्ञान (Democratic Politics-II) का पहला अध्याय शुरू करने जा रहे हैं। अध्याय का नाम है—सत्ता की साझेदारी (Power Sharing)। क्या कोई बता सकता है कि ‘सत्ता की साझेदारी’ का सरल अर्थ क्या होता है?

छात्र (रोहन): सर, क्या इसका मतलब सरकार की ताकतों (Powers) को अलग-अलग लोगों या संस्थाओं में बांटना होता है?

अमित सर: बहुत बढ़िया रोहन! बिल्कुल सही। लोकतंत्र (Democracy) का सबसे पहला और बुनियादी नियम यही है कि सत्ता किसी एक व्यक्ति या एक समूह के हाथ में नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे समाज के अलग-अलग अंगों में बांटा जाना चाहिए। इसे समझने के लिए आपकी एनसीईआरटी किताब में दो देशों—बेल्जियम (Belgium) और श्रीलंका (Sri Lanka) का बहुत ही सुंदर उदाहरण दिया गया है।

1. बेल्जियम और श्रीलंका की कहानी (Two Different Stories)

अमित सर: चलिए पहले बेल्जियम की बात करते हैं। बेल्जियम यूरोप का एक छोटा सा देश है, जहाँ की जातीय बनावट (Ethnic Structure) थोड़ी जटिल थी:

  • 59% लोग: डच भाषा (Dutch) बोलते थे (फ्लेमिश इलाके में)।

  • 40% लोग: फ्रेंच भाषा (French) बोलते थे (वेलोनिया इलाके में)।

  • 1% लोग: जर्मन भाषा बोलती थी।

  • राजधानी ब्रुसेल्स (Brussels) की स्थिति: यहाँ 80% लोग फ्रेंच भाषी थे और केवल 20% लोग डच भाषी थे।

छात्र (प्रिया): सर, फ्रेंच बोलने वाले लोग देश में कम थे, लेकिन राजधानी में ज्यादा थे?

अमित सर: बिल्कुल प्रिया! और फ्रेंच भाषी लोग अधिक समृद्ध (Rich) और ताकतवर भी थे। इससे डच और फ्रेंच भाषियों के बीच तनाव बढ़ने लगा। लेकिन बेल्जियम के नेताओं ने बहुत समझदारी दिखाई। उन्होंने 1970 से 1993 के बीच अपने संविधान में 4 बार संशोधन किया और ऐसा मॉडल तैयार किया जिससे सभी समुदाय शांति से एक साथ रह सकें।

बेल्जियम का मॉडल (Belgium’s Accommodation Model):

  1. समान मंत्री: केंद्र सरकार में डच और फ्रेंच भाषी मंत्रियों की संख्या बराबर रखी गई।

  2. राज्य सरकारों को ताकत: केंद्र सरकार की कई शक्तियाँ राज्य सरकारों को सौंप दी गईं।

  3. ब्रुसेल्स में अलग सरकार: राजधानी ब्रुसेल्स में दोनों समुदायों को समान प्रतिनिधित्व दिया गया।

  4. सामुदायिक सरकार (Community Government): भाषा, संस्कृति और शिक्षा से जुड़े मामलों के लिए एक तीसरी सरकार बनाई गई, जिसे हर भाषा के लोग खुद चुनते थे।

2. श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद (Majoritarianism in Sri Lanka)

अमित सर: अब बात करते हैं श्रीलंका की। श्रीलंका 1948 में आजाद हुआ। यहाँ की आबादी का ढांचा कुछ ऐसा था:

  • 74% लोग: सिंहली (Sinhala) भाषी (मुख्यतः बौद्ध)।

  • 18% लोग: तमिल (Tamil) भाषी (13% श्रीलंकाई तमिल और 5% भारतीय तमिल)।

छात्र (अमित): सर, क्या श्रीलंका में भी बेल्जियम की तरह सबको बराबर अधिकार मिले?

अमित सर: नहीं अमित! श्रीलंका के सिंहली समुदाय ने अपने बहुमत के बल पर “बहुसंख्यकवाद” (Majoritarianism) की नीति अपनाई:

  • 1956 का कानून: केवल सिंहली भाषा को एकमात्र राजभाषा बनाया गया (तमिल की अनदेखी की गई)।

  • नौकरी व दाखिले में छूट: सरकारी नौकरियों और विश्वविद्यालयों में सिंहली भाषियों को प्राथमिकता दी गई।

  • बौद्ध धर्म को संरक्षण: संविधान द्वारा बौद्ध धर्म को विशेष बढ़ावा दिया गया।

परिणाम: तमिलों को लगा कि सरकार उन्हें बेगाना मान रही है। इसके विरोध में तमिलों ने अपनी पार्टियाँ बनाईं और अलग राज्य (‘तमिल ईलम’) की मांग की। अंततः इसका नतीजा एक भयानक गृहयुद्ध (Civil War) के रूप में निकला, जिसने श्रीलंका के विकास को सालों पीछे धकेल दिया।

3. सत्ता की साझेदारी क्यों जरूरी है? (Why is Power Sharing Desirable?)

अमित सर: इन दोनों कहानियों से हमें सत्ता की साझेदारी के दो मुख्य कारण समझ आते हैं:

A. युक्तिपरक कारण (Prudential Reason)

  • यह समाज के विभिन्न समूहों के बीच टकराव और हिंसा की आशंका को कम करता है।

  • राजनीतिक व्यवस्था में स्थायित्व (Stability) लाता है। (जैसे: बेल्जियम का उदाहरण)

B. नैतिक कारण (Moral Reason)

  • सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र की आत्मा (Spirit of Democracy) है।

  • एक सच्ची लोकतांत्रिक सरकार वही है जिसमें निर्णय प्रक्रिया में जनता की सीधी भागीदारी हो।

4. सत्ता की साझेदारी के रूप (Forms of Power Sharing)

अमित सर: आधुनिक लोकतंत्रों में सत्ता की साझेदारी मुख्य रूप से 4 तरीकों से की जाती है:

  1. क्षैतिज बंटवारा (Horizontal Distribution):

    जब सत्ता का बंटवारा सरकार के एक ही स्तर के विभिन्न अंगों—विधायिका (Legislature), कार्यपालिका (Executive) और न्यायपालिका (Judiciary) के बीच होता है। इसे ‘नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था’ (Checks and Balances) भी कहते हैं।

  2. उर्ध्वाधर बंटवारा (Vertical Distribution):

    जब सत्ता का बंटवारा सरकार के अलग-अलग स्तरों पर होता है—जैसे केंद्र सरकार (Union Govt), राज्य सरकार (State Govt) और स्थानीय स्वशासन (Local Govt)। इसे ‘संघीय सरकार’ (Federal Govt) कहते हैं।

  3. सामाजिक समूहों में बंटवारा:

    विभिन्न भाषाई, धार्मिक या सामाजिक समूहों के बीच सत्ता का बंटवारा (जैसे: बेल्जियम की सामुदायिक सरकार या भारत में आरक्षित सीटें)।

  4. राजनीतिक दलों और दबाव समूहों द्वारा:

    विभिन्न पार्टियाँ जब मिलकर गठबंधन सरकार (Coalition Government) बनाती हैं या व्यापारी/किसान संगठन सरकार की नीतियों को प्रभावित करते हैं।

5. त्वरित रिवीजन (Quick Recap)

आधारबेल्जियमश्रीलंका
नीतिसमानता और सामंजस्य (Accommodation)बहुसंख्यकवाद (Majoritarianism)
फैसलासभी समुदायों को बराबर अधिकारकेवल सिंहली समुदाय को प्राथमिकता
परिणामशांति और यूरोपीय संघ का मुख्यालय बनागृहयुद्ध और भारी नुकसान

अमित पूनिया

संस्थापक एवं शिक्षक | EnglishEraWithAmitPoonia

🌐 englisherawithamitpoonia.com

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