Conjunction

Conjunction: परिभाषा, नियम और प्रकार 

नमस्ते दोस्तों! EnglishEraWithAmitPoonia में आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है। अगर आप वाक्यों को आपस में जोड़कर अंग्रेजी को और भी अधिक धाराप्रवाह और व्यवस्थित बनाना चाहते हैं, तो आज का यह ब्लॉग पोस्ट आपके लिए बेहद खास होने वाला है।

आज हम अंग्रेजी व्याकरण (English Grammar) के एक ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करेंगे जो वाक्यों को आपस में जोड़ने वाले ‘गोंद’ या ‘पुल’ की तरह काम करता है। आज का हमारा टॉपिक है: Conjunction (संयोजक)

हमेशा की तरह क्लास में हमारे साथ रोहन और प्रिया भी मौजूद हैं, जो इस कांसेप्ट को बातचीत के माध्यम से आपके लिए बिल्कुल आसान बनाएंगे।

What is a Conjunction?

Amit Sir: रोहन और प्रिया, सबसे सरल शब्दों में कहें तो Conjunction वह जोड़ने वाला शब्द (Connecting Word) होता है जो दो या दो से अधिक शब्दों (Words), वाक्यांशों (Phrases), उपवाक्यों (Clauses) या वाक्यों (Sentences) को आपस में एक साथ जोड़ता है।

  • सरल परिभाषा: Conjunction (संयोजक) वह शब्द है जो वाक्यों या शब्दों को जोड़कर भाषा को छोटा और असरदार बनाता है।

Rohan: सर, क्या आप इसे किसी उदाहरण से समझा सकते हैं कि यह वाक्यों को कैसे छोटा करता है?

Amit Sir: बिल्कुल रोहन! इन दो अलग-अलग वाक्यों को देखो:

  1. Ram is a student.

  2. Shyam is a student.

जब हम इन दोनों को Conjunction की मदद से जोड़ेंगे, तो वाक्य बनेगा:

“Ram and Shyam are friends.” (राम और श्याम दोस्त हैं।)

इसी तरह एक और उदाहरण देखो: “I was tired but I continued working.” (मैं थका हुआ था लेकिन मैंने काम करना जारी रखा।)

यहाँ and और but ही हमारे Conjunctions हैं।

Types of Conjunction

Priya: सर, अंग्रेजी व्याकरण में Conjunction कुल कितने प्रकार के होते हैं?

Amit Sir: प्रिया, इंग्लिश ग्रामर में मुख्य रूप से तीन प्रकार के Conjunctions होते हैं। आइए इन्हें एक-एक करके विस्तार से समझते हैं:

1. Coordinating Conjunction (समन्वय संयोजक)

जो संयोजक समान महत्व या समान व्याकरण वाले दो शब्दों, वाक्यांशों या स्वतंत्र वाक्यों को आपस में जोड़ते हैं, उन्हें Coordinating Conjunction कहते हैं। इन्हें याद रखने का सबसे आसान शॉर्टकट FANBOYS (For, And, Nor, But, Or, Yet, So) है।

  • I like tea and coffee. (मुझे चाय और कॉफी पसंद है।)

  • He is poor but honest. (वह गरीब है लेकिन ईमानदार है।)

  • Hurry up or you will be late. (जल्दी करो नहीं तो तुम देर से पहुँचोगे।)

2. Subordinating Conjunction (अधीनस्थ संयोजक)

जो संयोजक एक मुख्य वाक्य (Independent Clause) को किसी आश्रित वाक्य (Dependent Clause) से जोड़ते हैं, उन्हें Subordinating Conjunction कहते हैं। इसके अंतर्गत because, although, though, if, when, while, before, after, since, unless, until, that जैसे शब्द आते हैं।

  • I stayed at home because it was raining. (मैं घर पर रहा क्योंकि बारिश हो रही थी।)

  • Links: यहाँ “because it was raining” एक आश्रित वाक्य है।

  • You will pass if you work hard. (तुम पास हो जाओगे यदि तुम मेहनत करोगे।)

3. Correlative Conjunction (सहसंबंधी संयोजक)

जो संयोजक हमेशा जोड़े (Pairs) में प्रयोग होते हैं और वाक्य के समान तत्वों को जोड़ते हैं, उन्हें Correlative Conjunction कहा जाता है। इसके मुख्य जोड़े both…and, either…or, neither…nor, not only…but also, whether…or हैं।

  • Both Ram and Shyam are intelligent. (राम और श्याम दोनों बुद्धिमान हैं।)

  • Either you study or you fail. (या तो तुम पढ़ाई करो या फेल हो जाओ।)

  • He is not only honest but also hardworking. (वह सिर्फ ईमानदार ही नहीं बल्कि मेहनती भी है।)

FANBOYS (Coordinating Conjunctions in Detail)

Rohan: सर, आपने जो Coordinating Conjunctions के लिए FANBOYS की ट्रिक बताई, वो तो बहुत बढ़िया है। लेकिन क्या आप इन सभी 7 शब्दों को थोड़ा और गहराई से समझा सकते हैं? मतलब, इनका इस्तेमाल How (कैसे करें) और Why (क्यों करें) के साथ समझाइए, ताकि हम वाक्यों के पीछे का लॉजिक समझ सकें।

Amit Sir: बिल्कुल रोहन! जब तक तुम यह नहीं समझोगे कि कोई शब्द क्यों आ रहा है, तब तक ग्रामर रटने जैसी लगेगी। चलो, तुम्हारे और प्रिया के साथ मिलकर FANBOYS के हर एक अक्षर का पूरा पोस्टमार्टम करते हैं।

F – FOR (क्योंकि / कारण बताने के लिए)

  • Why (क्यों इस्तेमाल करें?): जब हमें वाक्य में किसी क्रिया या स्थिति का कारण (Reason) बताना हो। यह because की तरह काम करता है, लेकिन इसका मिजाज थोड़ा फॉर्मल (औपचारिक) और साहित्यिक होता है।

  • How (कैसे इस्तेमाल करें?): याद रखो, जब ‘For’ दो वाक्यों को जोड़ता है, तो इसके पहले एक Comma (,) लगाना ज़रूरी है। इसके ठीक बाद वह वाक्य आता है जो कारण बता रहा है।

Amit Sir: प्रिया, इन उदाहरणों को ध्यान से देखो और समझो कि ‘क्यों’ का जवाब कैसे मिल रहा है:

  • I stayed at home, for it was raining. (मैं घर पर रुका – क्यों रुका? – क्योंकि बारिश हो रही थी।)

  • He was punished, for he broke the rules. (उसे सजा मिली – क्यों मिली? – क्योंकि उसने नियम तोड़े।)

  • She was happy, for she passed the exam. (वह खुश थी – क्यों खुश थी? – क्योंकि वह परीक्षा पास कर गई।)

  • I cannot go out, for I am ill. (मैं बाहर नहीं जा सकता – क्यों? – क्योंकि मैं बीमार हूँ।)

  • The match was cancelled, for the weather was bad. (मैच रद्द हो गया – क्यों रद्द हुआ? – क्योंकि मौसम खराब था।)

A – AND (और / जोड़ने के लिए)

  • Why (क्यों इस्तेमाल करें?): जब दो समान विचारों, सकारात्मक बातों या अतिरिक्त जानकारी को आपस में प्लस (+) करना हो। यहाँ कोई विरोध नहीं होता, बस बातें जुड़ती हैं।

  • How (कैसे इस्तेमाल करें?): यह दो शब्दों को भी जोड़ सकता है (जैसे Ram and Shyam) और दो पूरे वाक्यों को भी।

Rohan: अच्छा सर, मतलब जहाँ विचारों में कोई टकराव न हो, बस बात आगे बढ़ानी हो!

Amit Sir: बिल्कुल सही पकड़े, रोहन! जैसे इन उदाहरणों में देखो:

  • Ram and Shyam are friends. (राम और श्याम दोस्त हैं – दोनों समान महत्व के हैं।)

  • She sings and dances well. (वह अच्छा गाती है + अच्छा नाचती भी है।)

  • I bought a pen and a notebook. (मैंने पेन खरीदा और साथ में एक कॉपी भी।)

  • He opened the door and went outside. (उसने दरवाज़ा खोला और फिर बाहर चला गया।)

  • She is kind and honest. (वह दयालु भी है और ईमानदार भी।)

N – NOR (न ही / और न ही)

  • Why (क्यों इस्तेमाल करें?): यह सबसे दिलचस्प है। जब हमें दो नकारात्मक (Negative) विचारों को जोड़ना हो। यानी न तो पहला काम हुआ और न ही दूसरा।

  • How (कैसे इस्तेमाल करें?): इसके इस्तेमाल का एक खास नियम है जिसे Inversion कहते हैं। ‘Nor’ के तुरंत बाद पहले Helping Verb (सहायक क्रिया) आती है और फिर Subject आता है।

Priya: ओहो! तभी मैं सोचूँ कि सामान्य वाक्यों की तरह Nor he did message क्यों नहीं लिखा जाता।

Amit Sir: बिल्कुल प्रिया! यही छोटी-छोटी बातें नंबर दिलाती हैं। इन उदाहरणों के स्ट्रक्चर को देखो:

  • He did not call me, nor did he message me. (उसने मुझे फोन नहीं किया, और न ही संदेश भेजा – देखो ‘nor’ के बाद ‘did’ आया है।)

  • She cannot read, nor can she write. (वह पढ़ नहीं सकती, और न ही लिख सकती है।)

  • I like neither tea nor coffee. (मुझे न चाय पसंद है और न ही कॉफी – यहाँ यह ‘neither’ के साथ पेयर में है।)

  • He was not angry, nor was he upset. (वह न गुस्से में था, और न ही परेशान।)

  • They did not help us, nor did they guide us. (उन्होंने हमारी मदद नहीं की, और न ही मार्गदर्शन दिया।)

B – BUT (लेकिन / परंतु)

  • Why (क्यों इस्तेमाल करें?): जब दो विचारों के बीच विरोध, अंतर या टकराव (Contrast) दिखाना हो। यानी जो उम्मीद थी, बात उसके उलट हो गई।

  • How (कैसे इस्तेमाल करें?): पहला वाक्य एक सकारात्मक या नकारात्मक बात कहेगा, और ‘but’ के बाद आने वाला वाक्य उसके विपरीत दिशा में जाएगा।

Amit Sir: जैसे अगर कोई गरीब है, तो लोग सोचते हैं कि शायद वो गलत रास्ते पर जाएगा। लेकिन यदि वह ईमानदार है, तो यह एक सुखद विरोध (Contrast) है:

  • He is poor but honest. (वह गरीब है लेकिन ईमानदार है।)

  • She worked hard but failed. (उसने मेहनत की – उम्मीद थी पास होने की – लेकिन असफल हो गई।)

  • I want to go but I am busy. (मैं जाना चाहता हूँ लेकिन व्यस्त हूँ।)

  • He is intelligent but careless. (वह बुद्धिमान है लेकिन लापरवाही करता है।)

  • It was raining but we played. (बारिश हो रही थी – आमतौर पर लोग नहीं खेलते – लेकिन हमने खेला।)

O – OR (या / अथवा / अन्यथा)

  • Why (क्यों इस्तेमाल करें?): जब हमें दो या दो से अधिक चीजों के बीच विकल्प (Choice/Alternative) देना हो, या फिर किसी बात का अंजाम (Warning) बताना हो।

  • How (कैसे इस्तेमाल करें?): इसे दो ऑप्शन्स के बीच में रखा जाता है।

Rohan: सर, इसका मतलब ‘Or’ हमें चुनने की आज़ादी देता है या फिर चेतावनी देता है?

Amit Sir: एकदम सही! इन दोनों रूपों को उदाहरण से समझो:

  • Study hard or you will fail. (मेहनत से पढ़ो या तुम फेल हो जाओगे – यहाँ यह चेतावनी है।)

  • Is it red or blue? (यह लाल है या नीला? – यहाँ विकल्प है।)

  • You can stay here or go home. (तुम यहाँ रह सकते हो या घर जा सकते हो।)

  • Take tea or coffee. (चाय लो या कॉफी।)

  • Hurry up or you will be late. (जल्दी करो नहीं तो देर हो जाएगी।)

Y – YET (फिर भी / इसके बावजूद)

  • Why (क्यों इस्तेमाल करें?): यह ‘But’ का बड़ा भाई है। इसका प्रयोग तब होता है जब परिणाम उम्मीद के बिल्कुल विपरीत (Unexpected Contrast) आए। यानी “ऐसा था, इसके बावजूद ऐसा हुआ!”

  • How (कैसे इस्तेमाल करें?): ‘Yet’ वाक्य में एक गहरा ठहराव लाता है। यह दिखाता है कि मजबूत विपरीत परिस्थितियों के बाद भी कोई काम हो गया।

Priya: सर, ‘But’ और ‘Yet’ में अंतर थोड़ा बारीक है, है ना?

Amit Sir: हाँ प्रिया, ‘Yet’ में थोड़ा आश्चर्य का भाव होता है। इन उदाहरणों को महसूस करके देखो:

  • He is rich, yet unhappy. (वह अमीर है – अमीर लोग आमतौर पर सुखी माने जाते हैं – फिर भी दुखी है।)

  • She was tired, yet she worked. (वह थकी हुई थी – थकान में लोग आराम करते हैं – फिर भी उसने काम किया।)

  • It was cold, yet he went out. (ठंड थी, इसके बावजूद वह बाहर गया।)

  • He tried hard, yet failed. (उसने बहुत कोशिश की, फिर भी असफल हुआ – यह गहरा दुख और आश्चर्य दिखाता है।)

  • The task was difficult, yet she completed it. (काम मुश्किल था, फिर भी उसने पूरा किया।)

S – SO (इसलिए / अतः)

  • Why (क्यों इस्तेमाल करें?): जब हमें किसी क्रिया का परिणाम या प्रभाव (Result/Effect) दिखाना हो। यानी पहले वाक्य में जो हुआ, उसकी वजह से दूसरे वाक्य में क्या असर पड़ा।

  • How (कैसे इस्तेमाल करें?): ‘So’ के बाद हमेशा परिणाम (Result) वाला वाक्य आता है। यह ‘For’ का बिल्कुल उल्टा है (‘For’ के बाद कारण आता है, ‘So’ के बाद परिणाम)।

Amit Sir: चलो, इसका लॉजिक इस उदाहरण से देखो:

  • It was raining, so I stayed home. (बारिश हो रही थी – परिणाम क्या हुआ? – इसलिए मैं घर पर रहा।)

  • He was ill, so he did not come. (वह बीमार था – नतीजा क्या हुआ? – इसलिए नहीं आया।)

  • She worked hard, so she succeeded. (उसने मेहनत की – परिणाम? – इसलिए वह सफल हुई।)

  • I was late, so I ran fast. (मैं देर से था, इसलिए तेज़ दौड़ा।)

  • The road was blocked, so we took another way. (रास्ता बंद था, इसलिए हमने दूसरा रास्ता लिया।)

Priya: अरे वाह अमित सर! अब समझ में आया। ‘Why’ ने हमें सिखाया कि इन शब्दों को क्यों चुनना है और ‘How’ से हमें वाक्य में उनकी सही पोजीशन और पंक्चुएशन का पता चला।

Rohan: अब तो FANBOYS का कोई भी सवाल आ जाए, कांसेप्ट एकदम क्रिस्टल क्लियर है सर!

Amit Sir: (हंसते हुए) अरे रोहन! तुम तो ऐसे कह रहे हो जैसे तुमने Coordinating Conjunctions का किला पूरी तरह फतह कर लिया हो! लेकिन सच बताऊं? अभी एक बहुत ही मजेदार और जरूरी चीज़ बची है, जहाँ अक्सर अच्छे-अच्छे स्टूडेंट्स भी गलती कर बैठते हैं।

Priya: अरे! ऐसा क्या बच गया सर? हमने तो FANBOYS के सारे शब्द ‘How’ और ‘Why’ के साथ पढ़ लिए।

Amit Sir: प्रिया, हमने शब्दों को तो सीख लिया, लेकिन उन्हें वाक्य में पिरोने का पंक्चुएशन नियम (Punctuation Rule) और एक एडवांस कांसेप्ट अभी बाकी है। चलो, तुम्हें दो ऐसी चीजें बताता हूँ जो इस टॉपिक को 100% पूरा करेंगी:

1. कोमा (Comma) का सबसे बड़ा सस्पेंस

Amit Sir: रोहन, मुझे बताओ, क्या Coordinating Conjunction लगाने से पहले हमेशा कोमा (,) लगाना ज़रूरी है?

Rohan: सर, अभी पिछले जवाब में आपने बताया था कि For से पहले कोमा लगता है। तो शायद सबमें लगता होगा?

Amit Sir: यही तो पेंच है! इसका एक सीधा सा नियम याद रखो:

  • नियम A (Two Clauses): जब Coordinating Conjunction दो पूरे और स्वतंत्र वाक्यों (Independent Clauses) को जोड़ता है (यानी दोनों तरफ अपना-अपना Subject और Verb हो), तब Conjunction से पहले Comma (,) लगाना अनिवार्य है

    • Example: I wanted to go to the market*, but it started raining.* (यहाँ ‘I’ और ‘it’ दो अलग-अलग सब्जेक्ट्स हैं, इसलिए ‘but’ से पहले कोमा आया।)

  • नियम B (Two Words/Phrases): जब Conjunction केवल दो शब्दों या छोटे वाक्यांशों को जोड़ता है, तब कोमा नहीं लगता

    • Example: I like tea and coffee. (यहाँ कोई कोमा नहीं आएगा क्योंकि यह सिर्फ दो शब्दों को जोड़ रहा है।)

2. ” Oxford Comma” (ऑक्सफोर्ड कोमा) का जादू

Priya: सर, मैंने कहीं पढ़ा था कि जब तीन या उससे ज़्यादा चीजें एक साथ जोड़ी जाती हैं, तब ‘And’ से पहले भी कोमा लगता है। क्या वो भी इसी का हिस्सा है?

Amit Sir: बिल्कुल प्रिया! उसे हम Oxford Comma या Serial Comma कहते हैं। जब हम एक लिस्ट में तीन या अधिक चीजें जोड़ते हैं, तो आखिरी ‘and’ या ‘or’ से पहले जो कोमा लगता है, उसे ऑक्सफोर्ड कोमा कहते हैं। यह अर्थ को स्पष्ट करने के लिए बहुत जरूरी है।

इस मजेदार उदाहरण से समझो:

  • बिना Oxford Comma के: I love my parents, Salman Khan and Shah Rukh Khan. (इसका अजीब सा मतलब यह निकल सकता है कि मेरे माता-पिता ही सलमान खान और शाहरुख खान हैं!)

  • Oxford Comma के साथ: I love my parents*, Salman Khan, and Shah Rukh Khan.* (अब बात एकदम साफ है कि मैं तीन अलग-अलग पक्षों से प्यार करता हूँ: पहला मेरे माता-पिता, दूसरे सलमान खान, और तीसरे शाहरुख खान।)

3. ‘SO’ और ‘FOR’ का एक और रूप (The Semi-Conjunction)

Amit Sir: एक आखिरी बात, ‘So’ और ‘For’ का प्रयोग कभी-कभी वाक्यों की शुरुआत में भी लोग धड़ल्ले से करते हैं, खासकर स्पोकन इंग्लिश (Spoken English) में।

  • Example: So, what is your plan today?

  • हालाँकि, लिखते समय इन्हें वाक्य के बीच में कोमा के साथ जोड़ना ही सबसे शुद्ध ग्रामर माना जाता है।

Rohan: ओहो! अब समझा सर। मतलब सिर्फ शब्दों को रटना काफी नहीं था, कोमा (,) कहाँ लगाना है और कहाँ नहीं, यह खेल तो अभी बाकी था!

Amit Sir: अरे वाह रोहन! तुमने बिल्कुल सही और बहुत ही बारीक पॉइंट पकड़ा है। इसे कहते हैं गहराई से पढ़ना!

चलो समझते हैं कि ‘So’ और ‘For’ को Semi-Conjunction (अर्ध-संयोजक) या कभी-कभी ग्रामर की भाषा में इन्हें स्वतंत्र शब्द क्यों कहा जाता है, और इसके पीछे का Why क्या है:

इसे Semi-Conjunction क्यों कहते हैं? 

Amit Sir: रोहन और प्रिया, ‘Semi’ का मतलब होता है “आधा”। इन्हें ‘Semi-Conjunction‘ इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये दो अलग-अलग काम करते हैं—ये वाक्य में Conjunction (जोड़ने वाले शब्द) का भी रोल निभाते हैं और Adverb (क्रियाविशेषण) या Preposition (संबंधसूचक) की तरह भी व्यवहार करते हैं।

आइए इन दोनों को अलग-अलग करके इनका असली खेल समझते हैं:

1. ‘SO’ का दोहरा रूप (The Double Role of ‘So’)

  • जब यह Conjunction होता है: यह दो वाक्यों को जोड़कर परिणाम (Result) बताता है, जिसके पहले कोमा (,) आता है।

    • Example: He was tired*, so he went to sleep.* (यहाँ यह शुद्ध Conjunction है।)

  • जब यह Adverb (Semi-Conjunction) बन जाता है: स्पोकन इंग्लिश या वाक्यों की शुरुआत में यह बिना किसी वाक्य को जोड़े, केवल बात को आगे बढ़ाने या “तीव्रता” (Intensity) दिखाने के लिए आता है।

    • Example 1: So, what is your final decision? (यहाँ ‘So’ किसी को जोड़ नहीं रहा, बस बातचीत की शुरुआत कर रहा है—इसका अर्थ है “तो फिर”)।

    • Example 2: She is so beautiful. (यहाँ ‘so’ का मतलब “बहुत” है, जो कि एक Adverb है।)

2. ‘FOR’ का दोहरा रूप (The Double Role of ‘For’)

  • जब यह Conjunction होता है: यह वाक्य के बीच में आकर कारण (Reason) बताता है।

    • Example: I am glad*, for I passed.* (यहाँ यह ‘क्योंकि’ का अर्थ दे रहा है और दो वाक्यों को जोड़ रहा है।)

  • जब यह Preposition (Semi-Conjunction) बन जाता है: इंग्लिश ग्रामर में ‘For’ का 90% इस्तेमाल वाक्यों को जोड़ने के लिए नहीं, बल्कि किसी संज्ञा (Noun) से पहले उसका “उद्देश्य” या “समय” बताने के लिए होता है।

    • Example 1: This gift is for you. (यह उपहार तुम्हारे लिए है—यहाँ ‘you’ एक प्रोनाउन है, कोई वाक्य नहीं। इसलिए यह Preposition है।)

    • Example 2: I have been living here for two years. (यहाँ यह समय की अवधि बता रहा है।)

Priya: ओहो! अब समझी सर। मतलब ‘FANBOYS’ के बाकी शब्द (जैसे And, But, Or) मुख्य रूप से सिर्फ जोड़ने का ही काम करते हैं। लेकिन ‘So’ और ‘For’ इतने चालू हैं कि ये बिना वाक्यों को जोड़े भी अकेले पूरे मजे से घूम सकते हैं!

Amit Sir: (हंसते हुए) बिल्कुल सही कहा प्रिया! ये अपनी जगह और अपना रूप बदल लेते हैं, इसीलिए ग्रामर के कुछ विद्वान इन्हें शुद्ध Conjunction न मानकर Semi-Conjunction की केटेगरी में रख देते हैं।

रोहन, क्या अब तुम्हारा यह ‘Kyo’ (Why) वाला डाउट पूरी तरह से क्लियर है?

Conclusion (निष्कर्ष)

निष्कर्ष के रूप में, FANBOYS शॉर्टकट के माध्यम से Coordinating Conjunctions पर महारत हासिल करना किसी भी इंग्लिश लर्नर के लिए एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट है। हर शब्द के पीछे के “How” (कैसे) और “Why” (क्यों) के लॉजिक को समझकर, आप इन्हें सिर्फ रटते नहीं हैं—बल्कि इनके काम को समझते हैं, चाहे वे विचारों को जोड़ रहे हों, विरोध दिखा रहे हों, या परिणाम बता रहे हों। कोमा (,) के सही नियम और Oxford Comma की स्पष्टता जैसे ज़रूरी विराम-चिह्नों के साथ मिलकर, यह ज्ञान आपको अपने लेखन और बोलचाल दोनों में सहजता से शानदार और प्रोफेशनल संयुक्त वाक्य (Compound Sentences) बनाने की शक्ति देता है।

Amit Sir: तो रोहन, प्रिया और क्लास के सभी प्यारे छात्रों! आज हमारा Coordinating Conjunction का यह सफर यहीं समाप्त होता है। अब आप लोग जब भी अपना अगला इंग्लिश पैराग्राफ या ब्लॉग पोस्ट लिखेंगे, तो मुझे पूरा भरोसा है कि आपके वाक्यों में यह क्लैरिटी साफ दिखाई देगी।

इन सभी नियमों को अपनी रोज़मर्रा की स्पोकन इंग्लिश और राइटिंग में इस्तेमाल करना शुरू कीजिए। कीप लर्निंग, कीप ग्रोइंग! मिलते हैं अगली क्लास में एक और धमाकेदार टॉपिक के साथ!

 

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